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सूखा नशा

अक्टूबर 2011 की बात है। घर के कामों की भारी व्यस्तता के बावजूद काली ने संस्था के काम से पटना से मोतिहारी जाने का...

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सूखा नशा

अक्टूबर 2011 की बात है। घर के कामों की भारी व्यस्तता के बावजूद काली ने संस्था के काम से पटना से मोतिहारी जाने का...
ISSN 2394-093X
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अक्टूबर 2011 की बात है। घर के कामों की भारी व्यस्तता के बावजूद काली ने संस्था के काम से पटना से मोतिहारी जाने का...

नाच एक संवेदनशील उपन्यास

लेखक: नवनीत नीरव  कला: नरेश पासवान प्रकाशक: एकलव्य  नाच उपन्यास एक ऐसे पात्र की कहानी है जो कहने के लिए तो शिक्षित परिवार से आता है लेकिन...

राहुल गांधी,कांग्रेस की परंपरा और INDIA गठबंधन का असहज भविष्य

राहुल गाँधी के जन्मदिन (19 जून ) पर विशेष। स्थितियों ने,समयचक्र ने राहुल गांधी को भारत के लिए 'एक भूमिका ' में तय कर...

भारतीय राजनीति के आधुनिक दधीचि हैं लालू प्रसाद!

यह लेख बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के जन्मदिवस (11 जून) के अवसर पर BYN (बीरेंद्र यादव न्यूज) के लिए लिखा गया है।...

ऑब्जेक्टिव प्रश्न से आत्मबोध तक : बाबासाहेब की खोज

अम्बेडकरवादी विचारक और स्त्रीकाल के संपादक संजीव चंदन, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के अपने जीवन पर पड़े गहन प्रभाव का आत्मीय और विचारोत्तेजक...

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