‘रजत रानी मीनू’ की कविताओं में स्त्री – रुपक कुमार
नीतिशा खलखो की कविताएं
‘गूज बम्प्स’
बेटी दिवस पर विशेष : संजना तिवारी की कविताएं
राजेंद्र यादव के अंतर्विरोध , हंस और दलित स्त्री अस्मिता के सवाल
एक साक्षात्कार लंबाणी जनजाति की स्त्रियों से
दलित स्त्रीवाद जैसी कोई अवधारणा नहीं है : तेजसिंह
फैंसी स्त्रीवादी आयोजनों में जाति मुद्दों की उपेक्षा
डॉ. अम्बेडकर का मूल चिंतन है स्त्री चिंतन
डा0 अम्बेडकर और स्त्री अधिकार – सुजाता पारमिता
दलित स्त्री आंदोलन तथा साहित्य- अस्मितावाद से आगे
सावित्रीबाई फुले : शैक्षिक –सामाजिक क्रान्ति की अगुआ
“मैं अभागा सुअर हूं”