‘रजत रानी मीनू’ की कविताओं में स्त्री – रुपक कुमार
नीतिशा खलखो की कविताएं
‘गूज बम्प्स’
बेटी दिवस पर विशेष : संजना तिवारी की कविताएं
होली का स्त्रीवादी पाठ
वीरांगना होलिका मूल निवासी थी , क्यों मनायें हम उनकी ह्त्या का जश्न
महावारी से क्यों होती है परेशानी
एक अंग्रेज़ी-भाषी बंगाली दलित महिला की कशमकश
एक सपने की मौत/अन्तरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त शिक्षा संस्थानों में प्रतिभावान दलितों की आत्महत्या
स्त्री मुक्ति की नेत्री सावित्रीबाई फुले
सावित्रीबाई फुले-स्त्री संघर्षो की मिसाल
एक सांस्कृतिक आंदोलन के चार साल
“मैं अभागा सुअर हूं”