महकार की महागाथा: लोकतंत्र का एक जीवित महाकाव्य है महकार
ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा
होना चाहती हूं मूक इतिहास की बोली: बापू टावर (पटना) में मुखरित हुआ स्त्री स्वर
हंस ब्राह्मणवाद के यम ही नहीं,डाइवर्सिटी आंदोलन के स्तम्भ भी रहे!
हां मुझे फर्क पड़ता है…
एको एको जिंदगी, खुल के जिवांगें
महाश्वेता देवी की जंग का फ़ैसला , 25 साल बाद बुधन सबर को इंसाफ, थाने में टॉर्चर कर मारने वाले पुलिस कर्मी को 8...
महाश्वेता देवी की जंग का फ़ैसला , 25 साल बाद
नदियों की उदासी का छन्द रचती कविताएँ
सिक्स पैक सीता
पारसनाथ! जहां मांस मदिरा खाने वाले कंधे तो मंज़ूर मगर कंधे पर रखा सिर’ नहीं
पारसनाथ का सम्मेद शिखर,बादशाह अकबर के फ़र्ज़ी फरमान से लेकर आदिवासियों की ज़मीन दबोचने तक की कहानी
“धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध