Homeसाहित्य साहित्यस्त्रीवाद एक स्त्री रचनाकार की यात्रा By streekaal May 19, 2016 0 407 FacebookTwitterPinterestWhatsApp पिछले 6 अप्रैल को वरिष्ठ साहित्यकार और आलोचक अर्चना वर्मा ने अपने जीवन के 70 साल पूरे किये. आइये सुनते हैं क्या कहते हैं उनके साथी साहित्यकार और आलोचक उनके बारे में. उनके जन्मदिन पर एक अनौपचारिक आयोजन को कवर किया स्त्रीकाल ने . देखें वीडियो: Tagsअरविंद जैनअर्चना वर्माराजेन्द्र यादववीडियो Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp Previous articleकिरण मुक्तिप्रिया की कवितायेंNext articleजीवन -अनुभवों का सफ़र कहानी तक Related Articles राजनीति ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा साहित्य होना चाहती हूं मूक इतिहास की बोली: बापू टावर (पटना) में मुखरित हुआ स्त्री स्वर इतिहास हंस ब्राह्मणवाद के यम ही नहीं,डाइवर्सिटी आंदोलन के स्तम्भ भी रहे! LEAVE A REPLY Cancel reply Comment: Please enter your comment! Name:* Please enter your name here Email:* You have entered an incorrect email address! Please enter your email address here Website: Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. ISSN 2394-093X 418FansLike783FollowersFollow73,600SubscribersSubscribe Latest Articles राजनीति ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा साहित्य होना चाहती हूं मूक इतिहास की बोली: बापू टावर (पटना) में मुखरित हुआ स्त्री स्वर इतिहास हंस ब्राह्मणवाद के यम ही नहीं,डाइवर्सिटी आंदोलन के स्तम्भ भी रहे! ऑनलाइन शोध जर्नल “धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध पितृसत्ता स्त्री सुन्दरता के नये पैमाने : आत्ममुग्धता से आत्मकुंठा तक Load more