अश्लील बातचीत के आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत लेने से पुलिस ने की थी आनाकनी


स्त्रीकाल डेस्क
गया कॉलेज गया, मगध विश्वविद्यालय, बिहार के अंग्रेजी विभाग के एक प्रोफेसर, वकार अहमद ने पीजी में पढ़ने वाली एक छात्रा को प्रोजेक्ट में मदद करने के बहाने फोन किया और उससे अश्लील बातें कीं. और उसे अच्छे नंबर से पास कराने के नाम पर यौन संबंध बनाने के लिए कहा.



परेशान छात्रा ने  प्रोफेसर की शिकायत पुलिस से की और उससे बातचीत का एक ऑडियो पुलिस तक पहुंचा दिया. इस ऑडियो क्लिप में प्रोफेसर ने कबूल किया है कि वे पहले भी लड़कियों की ऐसी मदद कर चुके हैं. जैसे ही यह मामला सामने आया छात्रों ने कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा किया. प्रोफेसर ने छात्रा को फर्स्ट क्लास मार्क्स के लिए घर पर आकर उनकी तमन्ना पूरी करने के लिए कहा.

छात्रा और प्रोफेसर की बातचीत का ऑडियो अब वायरल हो चुका है, जिसमें प्रोफेसर को उससे अच्छा नंबर देने की एवज में लिए अश्लील बातें करते हुए सुना जा सकता है. छात्रा ने पुलिस को बताया कि अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर वकार अहमद ने प्रोजेक्ट में मदद करने के नाम पर उससे उसका मोबाइल नंबर लिया था. वीडियो में छात्रा का बयान:




छात्रा की  धमकी भी की अनसुनी 

जब प्रोफेसर वकार छात्रा से अश्लील बातें कर रहे थे तो उसने प्रोफेसर को फोन पर ही बताया कि आपकी बातचीत फोन में रिकॉर्ड कर रही हूं. इसकी शिकायत थाने में करूंगी. छात्रा ने बताया कि प्रोफेसर ने उसकी लाइफ बर्बाद करने की भी धमकी दी. हालांकि इस धमकी के बाद भी प्रोफेसर को फर्क नहीं पड़ा. छात्रा के अनुसार उसने ने एक बार नहीं कई दफे फोन किया.24 जुलाई को पहला फोन 1.53 दोपहर में किया था. फिर 24 जुलाई की ही शाम को 6.05 बजे फिर फोन किया. 25 जुलाई को दोपहर 1.39 बजे फिर फोन कर प्रोफेसर ने फर्स्ट क्लास मार्क्स के लिए छात्रा से घर आने की बात कही. तब छात्रा ने पूछा कि घर आकर वह क्या करेगी, तो प्रोफेसर ने कहा, 'हमारी इच्छा पूरी करोगी, तो पैरवी कर नंबर बढ़वा देंगे'.

पुलिस ने शिकायत लेने में की आनाकानी 

अपने दोस्त की सलाह पर छात्रा ने पूरी बातचीत रिकार्ड कर ली थी,  जिसके बाद मामला दर्ज कराने जब वह रामपुर थाना पहुँची तो पुलिस ने थाने में मामला दर्ज कराने को लेकर आनाकानी की. थाने में छात्रा को डराने की कोशिश की गई. थाने में पुलिसकर्मी ने उसे कहा कि केस करोगी तो गवाही के लिए बार बार आना पड़ेगा, बोलो तो प्रोफेसर को बुलवाकर मांफी मंगवा देते हैं. इसके पहले भी एक छात्रा की शिकायत पर प्रोफेसर के खिलाफ कॉलेज कार्रवाई कर चुका है, वह निलम्बित हो चुका है.  इस मामले की जांच पुलिस क्र रही है. प्रोफेसर से बात सम्भव नहीं हो पायी.

प्रिंसिपल ने कहा इन्टरनल जांच में प्रोफेसर पाया गया दोषी
स्त्रीकाल ने जब कॉलेज के प्रिंसिपल दीनेश सिन्हा से बात की तो उन्होंने पहले तो यह कहा कि यह मामला हमारे यहाँ कैंपस का नहीं है इसलिए कॉलेज की भूमिका नहीं बनती. हालांकि विशाखा जजमेंट का हवाला देने, और प्रोफेसर एवं छात्रा का वर्तमान में कॉलेज से सम्बद्ध होने की ओर उनका ध्यान खीचा गया तो उन्होंने कहा कि 'जब हमें शिकायत मिली तो हमने जांच समिति गठित की. 24 घंटे में समिति ने अपनी रिपोर्ट देते हुए प्रोफेसर को दोषी माना है. आगे की कार्रवाई के लिए मैंने फ़ाइल कुलसचिव, मगध विश्वविद्यालय को भेज दी है.' 

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