युवा कवयित्री ने की आत्महत्या


स्त्रीकाल डेस्क 

युवा कवयित्री और पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान, बीएचयू की शोधछात्रा ख्याति आकांक्षा सिंह ने मंगलवार की सुबह साढ़े चार बजे अपने किराये के कमरे में छत के पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.

ख्याति 

वह लंका थाना क्षेत्र के नगवां के रहने वाले नागेश्वर सिंह के मकान में एक महीने से बतौर पीजी रह रही थी। बताया जा रहा है कि आत्महत्या के पहले व हअपने मंगेतर के साथ वीडियो चैटिंग कर रही थी, किसी बात पर अनबन हुई और तभी दुप्पटे को फंदा बनाकर फांसी पर झूल गई। उसका मंगेतर रामनगर से तत्काल पीजी हास्टल पहुंच गया और इसकी जानकारी मकान मालिक को दी। मकान मालिक के सहयोग से दरवाजा खोलकर तत्काल उसे फंदे से उतारा गया। प्राक्टोरियल बोर्ड के अधिकारी एवं पुलिस भी मौके पर पहुंच गये।

मौके से बरामद सुसाइड नोट में लिखा है कि ‘वह अपनी मौत की खुद जिम्मेदार है और इसके लिए किसी को परेशान न किया जाए. मंगेतर को संबोधित करते हुए लिखा है कि श्वेतांक मैं माफी मांगती हूं और मेरा अंतिम संस्कार बनारस में ही किया जाए.’



ख्याति सिंह ने भोपाल से एमए किया था और हाल ही में 20 अप्रैल को बीएचयू में प्रवेश लिया था। इस बीच परिवार वालों ने राम नगर निवासी नेवी में इंजीनियर श्वेतांक कुमार के साथ 30 अप्रैल को बनारस में सगाई कराई। पुलिस के अनुसार ख्याति की मां ने बताया है कि उनकी बेटी माइग्रेन से पीडि़त थी।

ख्याति सिंह का एक काव्य संग्रह 'कहीं तो होगा' प्रकाशित हो चुका है. भोपाल के एक साहित्यकार के अनुसार उसकी एक कविता पुस्तक (पांडुलिपि) साहित्य अकादमी के पास स्वीकृति के लिए पेंडिंग है.

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