राष्ट्रपति के पूर्व ओसडी और उसके भाई पर शोधार्थी ने लगाया शोषण का आरोप


स्त्रीकाल डेस्क 
आगरा में पीएचडी की छात्रा उपमा शर्मा  ने राष्ट्रपति के पूर्व ओएसडी और संपादक कन्हैया त्रिपाठी पर गंभीर आरोप लगाये हैं. छात्रा ने कन्हैया त्रिपाठी के भाई प्रदीप त्रिपाठी पर शादी का झांसा देकर शारीरिक, मानसिक शोषण का आरोप लगाया है वहीं कन्हैया त्रिपाठी पर धमकाने का आरोप लगाया है. इस आशय का एक पोस्ट उसने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है. पीडिता का नाम इस खबर में इसलिए सार्वजनिक है क्योंकि उसने पोस्ट लिखकर यह मामला सार्वजनिक किया है और वह खुद को छिपाना नहीं चाहती है.

भूतपूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के साथ कन्हैया त्रिपाठी

आगारा की एक डीम्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रही है उपमा ने 'स्त्रीकाल' से बातचीत करते हुए बताया कि 'प्रदीप ने उससे सोशल मीडिया पर संपर्क साधा और दो सालों से उसके साथ प्यार का नाटक करता रहा. शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण भी किया, लेकिन जब बात शादी की आयी तो मुकर गया.' उपमा के अनुसार इस सारी घटना की जानकारी दोनो पक्ष के परिवारवालों को थी. लेकिन जैसे ही शादी का प्रसंग आया तो कन्हैया त्रिपाठी ने उसे छोटी जाति का बताते हुए उसे प्रदीप से दूर रहने की धमकी दी. गौरतलब है कि पीडिता भी सवर्ण जाति (भूमिहार) है और त्रिपाठी भी (ब्राह्मण). पीडिता के अनुसार कन्हैया त्रिपाठी ने उसे और उसके पिता को देख लेने, नौकरी से निकलवा देने की धमकी दी, अपनी ऊंची पहुँच का हवाला दिया और यह भी कहा कि 'प्रदीप को जाति की लडकी से शादी कर लेने दो फिर तुम चाहो तो उसके साथ रह सकती हो.'  नीचे की तस्वीर कन्हैया त्रिपाठी का उपमा शर्मा के पिता से बातचीत का स्क्रीन शॉट है. नीला कलर का टेक्स्ट कन्हैया त्रिपाठी द्वारा भेजा गया टेक्स्ट है.



उपमा ने पोस्ट में लिखा कि कन्हैया त्रिपाठी ने कहा कि ' डॉ. कन्हैया त्रिपाठी जी ने मेरे बारे में यह पूछा कि क्या उपमा वर्जिन है ? जो लड़की तुम्हारे साथ रह रही हैं वो चार लोगों के साथ भी सो कर आई होगी.'

फेसबुक पर उपमा का पोस्ट: 

कृपया इस पोस्ट को ध्यान से एक बार जरूर पढ़ें "

मैं उपमा शर्मा, यह पोस्ट इसलिए लिख रही हूं कि मेरा अपराध बस इतना ही है कि मैं किसी से प्रेम करती हूं. भारत, हम सबका भारत, जहां आज पर सब विकास कर रहे हैं और सबको अपनी बात कहने, अपने तरीके से रहने की आजादी है. लेकिन मैं इनमें से किसी भी बात का हिस्सा नहीं बन पाई।

राष्ट्पति भवन के पूर्व सम्पादक, विशेष कर्तव्य अधिकारी, वर्धा से पी-एच.डी. किये हुये "डॉ. कन्हैया त्रिपाठी " जी के भाई " प्रदीप त्रिपाठी" और मेरे और प्रदीप त्रिपाठी जी के सहमति से 17-10-2017 को शादी करने के लिए हमारे द्वारा मैरिज पेपर बनवाया गया था और प्रदीप जी ने मुझे एक GD बनवाकर दी , जिसमें यह साफ साफ लिखा गया था कि मैं प्रदीप जी की कानूनी तौर पर पत्नी हूँ । उसके बाद मेरे साथ 10-12 दिन एक ही छत के नीच एक ही कमरे में मेरे पति बनकर रहे लेकिन डॉ. कन्हैया त्रिपाठी जी लगातार मुझे और प्रदीप जी को धमकी दे रहे थे कि हम दोनों यह शादी तोड़ दे क्योंकि हम दोनों समान जाति से नहीं हैं. मैं भुमिहार हूँ और ये लोग ब्राह्मण हैं. इसे समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता है. कन्हैया जी के अनुसार यह एक बचकानी रिश्ता है.

पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के साथ कन्हैया त्रिपाठी 


मुझ पर बार बार डॉ. कन्हैया त्रिपाठी जी ने यह कह कर धमकाया कि अगर इस शादी को नहीं तोड़ोगी तो मैं प्रदीप का नौकरी ले लूँगा । जब मैंने शादी तोड़ने से माना किया तो डॉ. कन्हैया त्रिपाठी जी ने मेरे बारे में यह पूछा कि क्या उपमा वर्जिन है ? जो लड़की तुम्हारे साथ रह रही हैं वो चार लोगों के साथ भी सो कर आई होगी. मैं एक लड़की हूं, और इस वजह से मुझे सिखाया जा रहा कि मुझे कैसा होना चाहिए और अपनी शुद्धता को कैसे बचाए रखना है. मैं इस बात का सबको प्रमाण दूं कि मैं वर्जिन हूं या नहीं और मैं इस महान पुरुष (कन्हैया त्रिपाठी) के भाई (प्रदीप त्रिपाठी) के साथ संबंध रखती हूं तो इनके द्वारा यह प्रमाणित किया जाता है कि मैं यदि इनके भाई के साथ संबंध रख सकती हूं तो इस दुनिया के किसी भी इंसान के साथ ऐसा कर सकती हूं. उनके ही शब्दों में जो उन्होंने अपने भाई से कहा है “जो लड़की तुम्हारे साथ रह सकती है वो और भी चार लड़को के साथ सोई होगी. वह वर्जिन है कि नहीं तुमने यह भी पता था या नहीं?” इसके अलावे मुझे फोन पर धमकी दी गई कि वो मेरे घर वालो को तबाह कर देंगे। मुझे कैसे भी इस शादी को तोड़ना पड़ेगा। यह शादी कभी नहीं हो सकती है। साथ ही साथ प्रदीप जी को भी लगातार यह धमकी दे रहे थे कि वो उनकी नौकरी छीन लेंगे। डॉ कन्हैया त्रिपाठी जी मुझे लगातार गन्दी-गन्दी गालियों से नवाज़ रहें थे ।

मेरा सवाल यह है कि क्या कोई व्यक्ति राष्ट्रपति भवन में कार्यरत हो जाये तो वह किसी के साथ कुछ भी करवा सकता है? आज मैं बहुत लाचार महसूस कर रहीं हूँ. मैंने एक ऐसे लड़के से प्रेम किया जो मेरी जाति का नहीं है और इस वजह से मुझे आज किसी उच्च मंचासीन व्यक्ति द्वारा मेरा चरित्र निर्धारित किया जा रहा है.

भारत जहां आज भी जाति अपने पूरे रौब के साथ जी रही और जिसे लोग अपना सीना चौड़ा करके स्वीकार कर रहे. आज अपने सवालों के साथ अपने लिए जगह मांग रही और साथ में ही अपनी सुरक्षा और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित भी हूं. समझ में नहीं आ रहा कि कौन सा कदम उठाऊं जिससे मैं शुद्ध, पवित्र हो जाऊं और उच्च जाती की हो जाऊं।

उसके बाद प्रदीप जी ने भी मुझे यही कहा कि जब मेरे घर वाले ही इस शादी से खुश नहीं है तो मैं तुम्हें अपने घर में रखकर क्या करूँगा । इतना कह कर मुझे एक मैसेंजर पर मैसेज किया गया जो नीचे अटेच है आप लोग देख सकते हैं और हर जगह से ब्लॉक किया गया ।

फिर मैंने मजबूर होकर जिला सत्र न्यायालय सिक्किम गांतोक में 8 दिसम्बर 2017 को केस दर्ज करवाया । केस संख्या " 37" है । हर केस के डेट पर नियमित रूप से प्रदीप त्रिपाठी जी कोर्ट में दस्तक भी देते हैं। अब भी यह मेटर कोर्ट के विचाराधीन है । 26 मई 2018 को फिर से कोर्ट में प्रदीप त्रिपाठी जी हाज़िर भी हुए थे।

कौन है कन्हैया त्रिपाठी 

राष्ट्रपतियों की जीवनियाँ लिखने और बड़े लोगों से उनका विमोचन करने का सिलसिला कन्हैया त्रिपाठी ने छात्र जीवन से जो शुरू किया और यही  उसे अंततः राष्ट्रपति भवन में सम्पादक और फिर ओएसडी के पद तक ले गया. सूत्रों के अनुसार प्रतिभा पाटिल के राष्ट्रपति बनने के बाद वह उनके गृह जिले अमरावती में सक्रिय हुआ और उनके पति से सम्पर्क बनाते हुए प्रतिभा पाटिल तक पहुंचा, तब वह अमरावती के पड़ोसी जिला वर्धा से पढाई कर रहा था. प्रतिभा पाटिल ने उसे राष्ट्रपति भवन में बतौर सम्पादक बुलाया तो उसी दौर में उसने सागर विश्वविद्यालय में व्याख्याता पद पर अपनी नियुक्ति करा ली. वहाँ से भी पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के कार्यकाल में राष्ट्रपति भवन में बतौर ओएसडी अपनी नियुक्ति करा ली. इसके पहले भी कन्हैया के ऊपर सोशल मीडिया पर प्रणव मुखर्जी के साथ फोटोशॉप कर तस्वीर जारी करने का आरोप लग जा चुका है.

प्रदीप त्रिपाठी 


आरोपों पर कन्हैया त्रिपाठी और प्रदीप त्रिपाठी का पक्ष 

सम्पर्क करने पर प्रदीप त्रिपाठी ने कहा कि 'यह निजी मामला है,' और उसने कुछ कहने से मना कर दिया. प्रदीप सिक्किम केन्द्रीय  विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर है.  जबकि कन्हैया त्रिपाठी ने भेजे गये सवाल का कोई जवाब नहीं दिया है. कन्हैया त्रिपाठी का जवाब मिलते ही इस खबर में शामिल कर लिया जायेगा.

यह लेख/विचार/रपट आपको कैसा लगा. नियमित संचालन के लिए लिंक  क्लिक कर आर्थिक सहयोग करें: 
                                             डोनेशन 

 स्त्रीकाल का संचालन 'द मार्जिनलाइज्ड' , ऐन इंस्टिट्यूट  फॉर  अल्टरनेटिव  रिसर्च  एंड  मीडिया  स्टडीज  के द्वारा होता  है .  इसके प्रकशन विभाग  द्वारा  प्रकाशित  किताबें  ऑनलाइन  खरीदें : 
अमेजन पर   सभी  किताबें  उपलब्ध हैं. फ्लिपकार्ट पर भी सारी किताबें उपलब्ध हैं.

संपर्क: राजीव सुमन: 9650164016,themarginalisedpublication@gmail.com 
Blogger द्वारा संचालित.