लालू प्रसाद से महिला आरक्षण पास कराने की स्त्रीकाल की अपील: कहा कोटे के साथ पास करवायें महिला आरक्षण


राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद ने पटना पुस्तक मेले में शनिवार को पूर्व सांसद अली अनवर पर केंद्रित ‘अली अनवर’ शीर्षक पुस्तक पर विचार-गोष्ठी तथा परिचर्चा को संबोधित किया. इस दौरान उन्हें पुस्तक के प्रकाशक द मार्जिनलाइज्ड पब्लिकेशन के संयोजक और स्त्रीकाल के संपादक संजीव चंदन ने महिला आरक्षण पर केन्द्रित स्त्रीकाल के ताजा अंक की प्रति देते हुए उनसे सार्वजनिक तौर पर आग्रह किया कि वे दलित-ओबीसी स्त्रियों के लिए कोटा के साथ महिला आरक्षण पास करवाने की पहल करें.



परिचर्चा में लालू प्रसाद पूरे रौ में दिखे . उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि 'देश की जनता अब सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ मन बना चुकी है। गुजरात की जनता ने नरेंद्र मोदी के सब्जबाग और नफरत व घृणा की राजनीति को नकार दिया है। ‘अली अनवर’ शीर्षक  किताब का संपादन पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ता  तथा स्त्रीकाल के संपादक मंडल के सदस्य राजीव सुमन ने किया है। यह किताब  ‘भारत के राजनेता’ नामक पुस्तक श्रृंखला का हिस्सा है, जिसके श्रृंखला -संपादक फारवर्ड प्रेस पत्रिका के प्रबंध संपादक प्रमोद रंजन हैं।

अपने संबोधन में राजद प्रमुख ने पूर्व सांसद अली अनवर को जनता के लिए लड़ने वाला सिपाही बताया। उन्होंने कहा कि अली अनवर पत्रकार के रूप में भी खासे लोकप्रिय रहे। वहीं गुजरात चुनाव के मद्देनजर लालू प्रसाद ने कहा कि देश और गुजरात की जनता नरेंद्र मोदी का सच जान चुकी है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब धर्म के अाधार पर देश को बांटने वाली ताकतों को बर्दाश्त करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि देश का संविधान खतरे में है। ऐसा कहते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा इसी संविधान बदल सकती है और ऐसे में मेरा संसद में न होने का मुझे अफ़सोस है.



वहीं अपने संबोधन में पूर्व सांसद अली अनवर ने लालू प्रसाद को धर्मनिरपेक्षता का महान योद्धा कहाा। उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनादेश का अपमान कर सांप्रदायिक ताकतों के साथ मिलकर षडयंत्र रचा, जिसे देश और बिहार की जनता ने अपनी आंखों से देखा। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा हाशिए पर रहने वालों के लिए आवाज उठायी। राज्यसभा में भी उन्होंने वंचित तबके के सवालों को रखा। श्री अनवर ने कहा कि सत्ता का मतलब केवल कुर्सी या कोई पद नहीं है। वे हमेशा वंचितों के लिए आवाज उठाते रहेंगे।

अपने संबोधन में पुस्तक के प्रकाशक द मार्जिनलाइज्ड के संयोजक संजीव चंदन ने कहा कि ‘भारत के राजनेता’ पुस्तक श्रृंखला के तहत देश के विभिन्न हिस्सों से चयनित 30 प्रमुख समाज-राजनीति कर्मियों पर किताबें प्रकाशित की जानी हैं। इसमें ऐसे  सामाजिक-राजनीतिक नेताओं को जगह दी गई है, जिनका न सिर्फ सामजिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण योगदान रहा हो, बल्कि जिनकी वैचारिकी मौलिक और भारतीय समाज और  राजनीति की गतिकी की दिशा मोड़ने वाली रही हो।



इस श्रृंखला के तहत बिहार से लालू प्रसाद यादव, महाराष्ट्र से आरपीआई के नेता रामदास अठावले, तमिलनाडु से सीपीआई के नेता डी. राजा व सीपीएम के सीताराम येचूरी पर किताबें शीघ्र प्रकाशित होंगी। अन्य पुस्तकों के लिए चयन-प्रक्रिया जारी है

कार्यक्रम में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के अलावा जन संस्कृति से जुड़े लेखक मदन कश्यप, पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी ने भी अपने विचार रखे। शिवानन्द तिवारी ने कहा कि इस तरह की किताबें पढ़ी जानी चाहिए. अली अनवर से लम्बी बातचीत, जो किस किताब में संकलित है, कई अनजाने पहलुओं को सामने लाता है. राजनीति की वैसी घटनाओं को भी जो मैं अपने समकाल के बावजूद नहीं जानता था. मदन कश्यप ने संपादक, प्रकाशक के इस श्रृंखला प्रयास को एक जरूरी पहल बताया. उन्होंने जनप्रतिनिधियों की संसदीय भूमिका पर अपनी बात रखी.   मंच से बीएचयू के शोधार्थी नरेश राम ने भीम गीत गाये. सम्यक प्रकाशन ने लालू प्रसाद एवं अन्य वक्ताओं को जगदेव प्रसाद और रामस्वरूप वर्मा की जीविनियाँ भेट की.  परिचर्चा का संचालन युवा साहित्यकार अरूण नारायण ने किया।

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