सोनिया गांधी का मास्टर स्ट्रोक: महिला आरक्षण के लिए लिखा पीएम मोदी को खत


कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महिला आरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखा है. सोनिया ने महिला आरक्षण के विषय में पहल लेकर मास्टर स्ट्रोक दागा है साथ ही उन्होंने बहुत दिनों से ठंढे बस्ते में डाल    दिये गये महिला आरक्षण का मुद्दा फिर से गर्म कर दिया है. उन्होंने इसे लेकर सरकार को समर्थन का वादा भी किया है. जहां एक और राहुल गांधी अमेरिका दौरे पर लगातार मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं वहीं सोनिया गांधी का यह खत राजनीति में एक नयी बहस को जन्म देगा.



कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कहा है कि उन्हें लोकसभा में अपनी पार्टी के बहुमत का लाभ उठाते हुए महिला आरक्षण विधेयक को पारित करवाना चाहिए.
महिला आरक्षण: मार्ग और मुश्किलें 

यह विधेयक 9 मार्च 2010 में कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के शासनकाल में राज्यसभा में पारित हो चुका है, किन्तु अभी इसको लोकसभा की मंजूरी मिलनी शेष है. उन्होंने इसे महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है.

महिला आरक्षण के लिए संवाद 
कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम मोदी को भेजे पत्र में कहा, "मैं आपको यह अनुरोध करने के लिए लिख रही हूं कि लोकसभा में आपके बहुमत का लाभ उठाते हुए अब महिला आरक्षण विधेयक को निचले सदन में भी पारित करवाइए." यह पत्र 20 सितंबर को लिखा गया है.उन्होंने यह भी स्मरण करवाया है कि कांग्रेस और उनके दिवंगत नेता राजीव गांधी ने संविधान संशोधन विधेयकों के जरिये पंचायतों एवं स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण के लिए पहली बार प्रावधान कर महिला सशक्तीकरण की दिशा में कदम उठाया था. सोनिया ने कहा कि उन विधेयकों को 1989 में विपक्ष ने पारित नहीं होने दिया. किन्तु बाद में 1993 में ये दोनों सदनों में पारित हुए. हालांकि भाजपा सरकार प्रचंड बहुमत के बावजूद महिला आरक्षण को लेकर गंभीर नहीं दिख रही है. 



माहिला आरक्षण विधेयक पारित करना स्त्रीत्व का सम्मान है 
स्त्रीकाल महिला आरक्षण के लिए प्रतिबद्ध कोशिशें करता रहा है. यह एक स्वागतयोग्य पहल है.
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