एक राजधानी: जहाँ टॉयलेट ढूंढते रह जाओगे. महिलाओं ने बयान किया दर्द


स्वच्छता अभियान, महिला हित के दावे और सच यह कि इस राजधानी में इक्के-दुक्के गंदे सार्वजनिक शौचालयों को छोड़कर कई-कई किलोमीटर तक एक शौचालय, टॉयलेट आप ढूंढते रह जायेंगे.हजारो कामकाजी महिलायें यहाँ आस-पास के इलाकों से आती हैं, लेकिन नैचुरल कॉल या तो घंटो रोकना पड़ता है, या सार्वजनिक जगहों पर उन्हें निपटना पड़ता है.



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