क्या इसे ही जंगलराज कहते है योगी जी

योगी जी इधर आप रोमियो स्क्वैड बना रहे हैं  उधर आपके राज्य के दबंग बलात्कार पीडिता को तेज़ाब पिला रहे हैं. क्या इसी को जंगलराज कहते हैं....? 


गैंग-रेप, एसिड अटैक और अब दबंगों ने सरेआम पिलाया तेजाब, शीरोज की सदस्य विमला गंभीर हालत में केजीएमयू में भर्ती.

एसिड अटैक सर्वाइवर्स द्वारा चलाए जा रहे कैफे शीरोज हैंगआउट की सदस्य विमला को 23 मार्च को  कुछ दबंगों ने लखनऊ के मोहनलालगंज स्टेशन के पास चलती ट्रेन में जबरन तेजाब पिलाकर मारने की कोशिश की. विमला गंभीर हालत में लखनऊ की किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में एडिमट हैं. मौके पर मौजूद जीआरपी ने विमला पर हुए इस हमले की जानकारी कैफे शीरोज की लखनऊ शाखा को दी है. अपनी बेटी को हाईस्कूल की परीक्षा दिलाने के लिये विमला 10 मार्च को कैफे से छुट्टी लेकर घर गई थीं. आज वे रायबरेली से वापस लखनऊ लौट रही थीं और इसी की जानकारी पाकर अपराधियों ने विमला पर चलती ट्रेन मे हमला कर दिया.


अगर पुलिस पहले दर्ज किये गए मामलों में कोई कानूनी कार्यवाही करती तो शायद इस घटना को बचाया जा सकता है. विमला पर इससे पहले भी चार बार अलग अलग हमले कराए गए हैं जिनकी एफआईआर दर्ज होने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई. फिलहाल पुलिस ने भरोषा दिया है कि विमला के परिवार को सुरक्षा दी जाएगी और उनकी बेटी को कल हाईस्कूल की परीक्षा दिलाने के लिये पुलिस मौजूद होगी और सीधे उन्हे लखनऊ में किसी सुरक्षित जगह लाया जाएगा.

कौन हैं विमला

विमला एक बहादुर महिला हैं जो सभी ओर से बेरूखी झेलने के बाद भी अपनी लड़ाई लड़ रही हैं. 2009 में उनके गांव के ही कुछ दबंगों ने उनके साथ गैंगरेप किया और धमकी दी कि अगर उन्होने कानूनी कार्यवाही की तो जान गंवानी पड़ेगी. विमला ने रायबरेली जिले के ऊंचाहार थाने में इस बारे में सूचना दी हालाकि पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की. विमला की कोशिशों से एक लंबे समय बाद एफआईआर लिखी गई. किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई साथ ही दो सालों बाद 2011 में विमला पर चाकू से हमला किया गया. एक बार फिर, इस घटना की एफआईआर तो दर्ज हुई लेकिन आरोपियों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई. 2012 में भी विमला पर जानलेवा हमला किया गया और इस बारे में पुलिस फिर कुछ न कर सकी. विमला ने हिम्मत खो दी थी लेकिन वह कुछ लोगों की मदद से लड़ती रही. 2013 में विमला पर उन्ही दबंगों ने एसिड अटैक कर दिया जिससे उनका शरीर बुरी तरह झुलस गया.

इस बीच विमला की जंग जारी रही. कभी वो लोग विमला को बयान देने से रोकते थे तो कभी उसे और उसके बच्चों को जान से मार देने की धमकी देते थे. कुछ समय छिपते छिपाते विमला अपनी लड़ाई लड़ती रहीं और 2016 में उन्होने कैफे शीरोज हैंगआउट के रीच-आउट एंड वेलफेअर विभाग से संपर्क किया. विमला को कैफे पर बतौर सहायक मैनेजर नियुक्त कर छांव फाउंडेशन ने उनकी कानूनी लड़ाई में कार्यवाही शुरू की. इसकी सूचना पर उन दबंगों ने कैफे को भी लिखित धमकी पत्र भेजा जिसमे लिखा था- “सविनय निवेदन है कि विमला को अपनी कंपनी से निकाल दो या केस वापस करवा दो, अगर यह सब नहीं किया तो विमला के शरीर में खून नहीं तेजाब दौड़ेगा” इस धमकी के बाद कैंपेन टीम ने यूपी पुलिस से इस बारे में संपर्क कर कार्यवाही की अपील की. पुलिस अपना काम कर ही रही थी कि कुछ महीनों के भीतर आज सुबह घर से छुट्टी से लौट रही विमला को कुछ लोगों ने जबरन तेजाब पिला दिया जिससे उसके अंदरूनी अंग बुरी तरह झुलस गए हैं. विमला की हालत अभी नाजुक है और वे कुछ भी बोल नहीं पा रही हैं.


इस घटना के बाद शीरोज भी डर गई हैं 

कैफे शीरोज से जुड़ी सभी एसिड अटैक सर्वाइवर्स, जो सर्वाइवर से बेहतर शीरोज (SHE+Heroes) कहलाना पसंद करती हैं, इस घटना के बाद पहली बार डरा हुआ और अकेला महसूस कर रही हैं. इस बारे में एक वीडियो बयान जारी कर (लिंक- bit.ly/HelpVimla) कैंपेनर लक्ष्मी ने लोगों से इस घटना को नवनियुक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मंत्री महिला एवं बाल विकास रीता बहुगुणा जोशी से अपील की है कि वे जल्द से जल्द इस मामले में अपराधियों पर कार्यवाही करवाने की कोशिश करें. साथ ही विमला और उनके परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने के लिये भी सोशल मीडिया पर एक कैंपेन चलाया जा रहा है.


पुलिस ने दिलाया है कार्यवाही का भरोसा 

घटना की जानकारी पाकर एसएसपी मंजिल सैनी, एसपी रायबरेली, एसपी नार्थ लखनऊ आज कैफे शीरोज हैंगआउट पहुचे और मामले की पूरी जानकारी लेकर कार्यवाही का आश्वासन दिया है. साथ ही इस बारे में आश्वस्त भी किया है कि विमला की बेटी बिना किसी डर के अपने हाईस्कूल का इम्तेहान दे सकेगी और फिर उसे लखनऊ लाकर किसी सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा.सूचना मिलने तक पुलिस अपराधियों का पता नहीं लगा सकी है और इस घटना से जुड़े किसी भी हमलावर का पता नहीं चल पाया है.

किसी भी सूचना के लिये नीचे दिये नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है-
9717900302, 9958066951, 7052957657

उपासना झा के फेसबुक वाल से साभार 

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