सावित्रीबाई फुले वैच्रारिकी सम्मान के बाद लेखिका अनिता भारती का वक्तव्य



स्त्रीवादी पत्रिका स्त्रीकाल, स्त्री का समय और सच ने डा. आंबेडकर के नेतृत्व में नागपुर में 20 जुलाई 1942 को हुए महिला सम्मेलन के 75वें साल पर एक आयोजन जेएनयू में किया. उक्त सम्मेलन में 25 हजार दलित महिलाओं ने भागीदारी की थी और कई मह्त्वपूर्ण निर्णय लिये थे. जेएनयू में 29 जुलाई की देर शाम को खत्म हुए इस आयोजन में तीन सत्रों में विभिन्न विषयों पर विमर्श और महिला अधिकार विषय पर प्रसिद्ध नृत्यांगना रचना यादव का कथक नृत्य आयोजित हुआ तथा चर्चित दलित लेखिका और विचारक अनिता भारती को उनकी किताब 'समकालीन नारीवाद और दलित स्त्री का प्रतिरोध' को स्त्रीकाल के द्वारा सावित्रीबाई फुले वैचारिकी सम्मान (2016) दिया गया. इसके पूर्व 2015 में यह सम्मान शर्मिला रेगे को उनकी किताब 'मैडनेस ऑफ़ मनु: बी आर आंबेडकरस राइटिंग ऑन ब्रैह्मनिकल पैट्रिआर्की' को दिया गया था. इस सम्मान की शुरुआत 2015 में स्त्रीकाल ने स्त्रीवादी न्यायविद अरविंद जैन के आर्थिक सहयोग से शुरू किया था. कार्यक्रम का आयोजन स्त्रीकाल, आदिवासी साहित्य और यूनाइटेड ओबीसी फोरम' के संयुक्त तत्वावधान में हुआ.

अनिता भारती के वक्तव्य का वीडियो लिंक :


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