सोनी सोरी पर हमला क्रूर दमन का प्रतीक

सोनी सोरी पर फिर हमला हुआ है . स्टेट की क्रूरता की शिकार रही सोनी सोरी पर यह ताजा हमला मानवाधिकार के लिए आवाज उठा रहे लोगों के लिए एक चेतावनी सी है . उन्होंने अपने ऊपर किसी ज्वलनशील पदार्थ के फेके जाने पर आँखों में जलन की शिकायत की  है . जामिया मीलिया इस्लामिया की प्रोफ़ेसर हेमलता महिश्वर की सोनी सोरी को समर्पित कविता और पूरी खबर 

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में आदिवासी अधिकारों के लिए संघर्षरत  सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया है। सोरी को बेहतर इलाज के लिए जगदलपुर भेजा गया है।

दंतेवाड़ा जिले में हुई वारदात

दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के गीदम थाना क्षेत्र के अंतर्गत जवांगा गांव के करीब अज्ञात लोगों ने आम आदमी पार्टी की नेता सोनी सोरी पर हमला कर दिया है तथा उनके चेहरे पर ग्रीस जैसा कोई पदार्थ पोत दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

मोटरसाइकल पर आए हमलावर
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोरी शनिवार को अपने दो अन्य साथियों के साथ जगदलपुर से अपने गृहग्राम गीदम के लिए मोटरसाइकल से रवाना हुई थी। सोरी बस्तानार घाट पार करने के बाद जब जवांगा गांव के करीब पहुंची तब कुछ मोटरसाइकल सवार लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ धक्कामुक्की करते हुए उनके चेहरे पर ग्रीस जैसा पदार्थ लगा दिया। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर वहां से भाग गए। उन्होंने बताया कि घटना के बाद जब सोरी के चेहरे में जलन होने लगी तब वह सीधे गीदम के अस्पताल गईं तथा पुलिस को भी मामले की जानकारी दी गई।

चेहरे पर हुई जलन
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गीदम को अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि हमलावरों ने सोरी के चेहरे पर ग्रीस या बाम जैसा कछ पदार्थ लगा दिया है जिससे चेहरे में जलन हो रही है। सोरी को बेहतर इलाज के लिए बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर के लिए रवाना कर दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

मानवाधिकार के मामलों को उठाने के कारण हमला
इधर राज्य में आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक संकेत ठाकुर ने आरोप लगाया है कि बस्तर में मानवाधिकार उलंघन के मामलों को उठाने के कारण सोरी पर हमला किया गया है। ठाकुर ने कहा कि अज्ञात लोगों द्वारा कुछ दिनों पहले सोरी को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसकी शिकायत पुलिस से की गई थी, लेकिन पुलिस ने सोरी को सुरक्षा प्रदान नहीं की।

सोनी सोरी को समर्पित हेमलता महिश्वर की कविता 

तुम्हारे
स्खलित वीर्य बूँद को
चंद्र बिंदु की तरह
सहेज लिया था
और दी थी पनाह
अपनी कोख में
तो जना था शिशु
मेरी रचनात्मकता ने

अब तुमने
ठूँस दिए जो
टुकड़े पत्थर के
मेरी योनि में
तो भी पैदा होगा
मानस मनुज
तुम्हारे रोपे
और
मेरे पोसे गए पत्थर
मत घबराना
कहेंगे सच तुम्हारा

'नील, नीले रंग के' से
खबर  एन डी टी  वी  से साभार 
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