संघ प्रमुख की सुरक्षा पर हंगामा , आगे आये दलित संगठन

संजीव चंदन 
पिछले दिनों नागपुर में मोहन भागवत को लेकर हंगामा खडा हो गया, जब नागपुर महानगरपालिका ने शहर के ऊंटखाना इलाके के डा. बाबासाहब आम्बेडकर प्राथमिक विद्यालय के भवन को भागवत की जेड प्लस सुरक्षा में  तैनात सी आई एस एफ ( सेन्ट्रल इंडस्ट्रियल सेक्युरिटी फ़ोर्स ) के जवानों को देने का पत्र जारी कर दिया.


 पिछले एक जुलाई को नागपुर महानगरपालिका ने अग्रिम कब्जा (एडवांस पजेशन) के लिए सी आई एस एफ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल को पत्र दिया. पत्र में महानगरपालिका ने लिखा है कि उक्त स्कूल की बिल्डिंग 4, 72, 915 रूपये के सालाना किराये पर 5 साल के लिए आर एस एस प्रमुख मोहन भागवत को सुरक्षा दने के लिए सी आई एस एफ को देने का निर्णय लिया गया है. गौरतलब है कि नागपुर महानगरपालिका पर बी जे पी का शासन है.


हंगामा बरपा 

दलित संगठनों को जैसे ही पता चला कि ऊंटखाना स्थित डा. बाबासाहब आम्बेडकर प्राथमिक विद्यालय का भवन आर एस एस प्रमुख की सुरक्षा के लिए दिया जा रहा है, उन्होंने इसका तीखा विरोध किया, शहर में जगह –जगह धरने प्रदर्शन किये जाने लगे . अभिभावकों के साथ कई सामाजिक संगठनों और  ने पिछले 20 जुलाई को महानगरपालिका की सभा में इसके लिए प्रस्ताव पारित होने की आशंका को देखते हुए नागपुर के टाउन हाल के बाहर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के नेतृत्वकर्ताओं में पूर्व नगर सेवक मिलिंद गाणार, नगर सेवक योगेश तिवारी और सुजाता कोबाड़े शामिल थे. मिलिंद कहते हैं , ‘ बाबा साहब आम्बेडकर के नाम के ही स्कूल को इस काम के लिए चुने जाने के पीछे भगवा संस्थाओं की क्या मंशा है ? वे संघ प्रमुख के घर के करीब ही ‘ हेडगेवार भवन’ में सी आई एस ऍफ़ के लोगों को क्यों नहीं ठहराते !’ नगर सेवक तिवारी कहते हैं , ‘ यहाँ दलितों और गरीबों के बच्चे पढ़ते हैं , वे कहाँ जायेंगे ?’


मेरे बच्चे कहाँ पढेंगे ?

स्कूल की अध्यापिका कल्पना निकम बताती हैं , ‘ दो सप्ताह पहले कुछ लोग आये थे , स्कूल का मुआयना कर रहे थे . उन्होंने कहा कि जल्द ही ‘ भवन खाली करने का आदेश आपको आ जायेगा.’ भारी मन से निकम पूछती हैं , ‘ लेकिन हमारे बच्चे कहाँ जायेंगे !’ कल्पना निकम अपने खर्चे पर कई दलित बच्चों को रिक्शा से स्कूल लाती ले जाती हैं . कुछ बच्चों को उनका बेटा अपनी साइकिल पर लेकर आता है . स्कूल के छात्र दिव्यांग गायकवाड की माँ मनीषा गायकवाड कहती है , दो दिन से मेरा बेटा स्कूल नहीं गया है, सुना कि नागपुर में फांसी दी जा रही है. इसके स्कूल में पुलिस वाले रहेंगे तो मेरा बच्चा पढ़ेगा कहाँ ? मजदूर नेता जम्मू आनंद बताते हैं कि 2006 में आर एस एस के नागपुर स्थित मुख्यालय पर हमले के बाद उसकी सुरक्षा के लिए ‘भाऊ दफ्तरी स्कूल’ को  सुरक्षाकर्मियों के आवास के लिए दे दिया गया, उसके बच्चे दर –बदर हो गये- इतिहास फिर दुहराया जा रहा है.’
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