स्त्री मन , जीवन और भाव की कलाकृतियाँ

दलित लेखक संघ के महासचिव हीरालाल  राजस्थानी बेहद महत्वपूर्ण कलाकार हैं . उनके द्वारा बनाई गई मूर्तियाँ उनकी सजीव कला का प्रमाण हैं . हीरालाल अच्छे कवि और संवेदनशील कलाकार हैं . स्त्रीकाल में आज उनके द्वारा बनाई गई  मूर्तियों/ पोट्रेट में स्त्री मन , जीवन और भाव की बानगी .  ( कुल  12 कलाकृतियाँ )



आत्म कथ्य 
 मैंने मानव आकृतियों को आधार मानकर अनेक प्रकार के संयोजन किये है ! जिसमें  सामूहिक  व  एकल आकृतियों के संयोजन सम्मिलित रहे है ! लेकिन पोर्ट्रेट में मेरी खास अभिरुचि रही है ! पोर्ट्रेट मायने ऐसे जैसे कि  किसी की आत्मकथा लिख रहें हों । यही आभास जगता है पोर्ट्रेट बनाते समय ।!
मैंने मनुष्य की  भावनाओं  , विचारों , तकलीफों और कल्पनाओं को 'पोर्ट्रेट' के माध्यम से दर्शाने की कोशिश की है ! सदियों से दबे - कुचले  मनुष्यों के उत्पीडन और शोषण  को  पोर्ट्रेट में जुबान   देने  की  कोशिश  करता रहा हूँ ! इस दोरान मुझे लगता रहा जैसे ये मूक चेहरे सांकेतिक भाषा में  मुझसे  संवाद  करने  की  कोशिश  कर रहे हों ! इसके अलावा  मेरे काम में मानवता की खोज निरंतर सक्रिय है !
अपने कलाकर्म में मैंने तकनीकी  रूप से वाटर-कलर की भांति ताज़ा टेक्सचर देने का प्रयास किया है !
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  'हीरालाल राजस्थानी








 









हीरालाल राजस्थानी डा . बाबा साहब आम्बेडकर की मूर्ति तराशते हुए

परिचय 
जन्म :             9 जून सन -1968, प्रसाद नगर ,दिल्ली
शिक्षा :             बी. ऍफ़ं ए. मूर्तिकला (फस्ट क्लास फस्ट)- सन -1996 जामिया मिल्लिया                                                      इस्लामिया,नई दिल्ली-25
व्यवसाय :             कलाध्यापक, दिल्ली प्रशासन
राष्ट्रीय प्रदर्शनी :    54 वी- सन -2012, ललित कला अकादमी दिल्ली, भारत सरकार
                       :             मुम्बई आर्ट फेयर, सन -2012, महाराष्ट्र
पुरस्कार :      ऑल इण्डिया आर्ट बैनाले इन स्कल्पचर, ललित कला अकादमी, जयपुर, राजस्थान सन -1997
             :       बेस्ट परफॉर्मेंस इन स्कल्पचर अवार्ड, जामिया मिल्लिया इस्लामिया,नई दिल्ली- सन -1993
             :       ब्रोंज प्लाक ,  अवंतिका आल इंडिया आर्ट एंड सिल्वर प्लाक, स्वतंत्रता की 50 वीं वर्षगाँठ पर                           अवंतिका आर्ट कॉम्पिटिशन 1996-97.
             :       युवा महोत्सव पुरस्कार, साहित्य कला परिषद् , दिल्ली सन -1993,1994
             :       अन्तर्राष्ट्रीय मूर्तिकला सिम्पोजियम I.P.C.L. महाराष्ट्र सन- 1995
             :       राष्ट्रीय कला मेला दिल्ली सन- 1993
              :      युवा महोत्सव, साहित्य कला परिषद् , दिल्ली सन - 1993,1994
 कविता संग्रह : मैं साधू नहीं

 संपर्क : ई मेल  : hiralal2000168@gmail.com,    मोबाईल : 09910522436
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